महुआ पंचायत में सरकारी रासी का दुरुपयोग को ले सरपंच ने दिया आवेदन।

सोनवर्षा राज प्रखंड अंतर्गत महुआ उत्तरवारी पंचायत में मनरेगा की राशि का मुखिया व रोजगार सेवक के द्वारा जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। उक्त योजना के द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों में सरकार के सारे नियमों की ताक पर रख कर निर्माण कार्य के नाम महज खानापूर्ति कर राशि का बंदरबाट किया जा रहा है। मामले को लेकर महुआ उत्तरवारी पंचायत के सरपंच नरेश मंडल के द्वारा योजना की शिकायत डीएम जिला मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी व प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर बताया है कि मेरी पत्नी गीता देवी और मेरी भाई की पत्नी मीना देवी के नाम से पंचायत के वार्ड संख्या-03 में स्थित निजी जमीन में वर्मी कंपोस्ट एवं जल जमाव युक्त भूमि विकास कार्य के लिए योजना खोला गया था।जिसका योजना संख्या-IF/GIS-252620 व योजना संख्यां -IF/GIS-252618 में योजना की प्रा०राशि 1,97,372 /- तथा 1,96,969/- जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति बीते वर्ष 25 फरवरी 2024 का ही सूचनापट्ट पर अंकित है।जिसमें दोनों योजना का करीब 4 लाख रुपए की राशी का उठाव संवेदक सह रोजगार सेवक एवं पेटी कांट्रेक्टर की मिलीभगत से अवैध निकाशी कर लिया गया। लेकिन उक्त योजना स्थल पर एक टोकरी मिट्टी तक नहीं दिया गया है।इतना ही नहीं जब इस योजना के बारे में शिकायत पेटी कांट्रेक्टर को करते है तो बोलता है कि यह योजना बंद हो गया है। जबकि, उक्त योजना की राशी का उठाव कर लिया गया है,इतना ही नहीं मेरे और मेरे घर के सदस्य के बैंक खाता में उक्त योजना का दैनिक मजदूरी का रुपया जो आया वो भी राशि खाता से निकलवा कर ले लिया गया। बताते चलें कि जब एक ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच के साथ इस तरह से फर्जीवारा किया गया है तो आमजन के साथ क्या हुआ होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि
महुआ उत्तरवारी में किस तरह सरकारी रुपया का दुरुपयोग किया जा रहा है।मालूम हो कि बीते दिनों महुआ उतरवाड़ी पंचायत अंतर्गत विभिन्न जगहों पर मुखिया और रोजगार सेवक मिलीभगत से खेत में मेड बांध बनाने के नाम पर करोड़ों रुपए की लागत से योजना खोली गई है। जबकि जिस भी जगह योजना खुली है वहां मेड बांध की कोई आवश्यकता नहीं है,मालूम हो की योजना के नियमानुसार एक बीघा में एक योजना स्वीकृत करने का नियम है। लेकिन यहां धड़ल्ले से चार से पांच कट्ठा जमीन मालिक के खेत में दो सूचनापट्ट लगा कर योजना चल रही है। जिसकी जांच अगर उच्चस्तरीय की जाय तो सब कुछ साफ और स्पष्ट हो जाएगा। वहीं बिना कार्य के उक्त सभी योजना में डिमांड भी लगा दिया गया है जबकि योजना स्थल पर कोई कार्य नहीं किया गया है। पूरे पंचायत में पूर्व और वर्तमान में निजी जमीन में हुए योजना की जांच कराते हुए अवैध ढंग से बिना योजना कार्य पूरा किए राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।इस संदर्भ में पंचायत रोजगार सेवक लक्ष्मण यादव ने बताया कि इस योजना के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है ऐसे में अब सोचने वाली बात ये है की सरकारी रासी का दुरुपयोग मनरेगा के खाते से हो रही है लेकिन संवेदक को इस बात की जानकारी कियाें नही है।